उत्तर गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च’ नाइटक्लब में शनिवार रात करीब 11:45 बजे लगी आग ने 23 लोगों की जान ले ली, जिसमें ज्यादातर स्टाफ सदस्य और चार पर्यटक शामिल हैं। यह घटना पर्यटन नगरी गोवा के लिए बड़ा झटका है, जहां आग की शुरुआत किचन में गैस सिलेंडर विस्फोट से हुई मानी जा रही है।
घटना का पूरा विवरण
आग बेसमेंट से शुरू होकर पहली मंजिल पर बने बार और रेस्टोरेंट तक फैल गई, जहां डांस फ्लोर पर 100-150 लोग मौजूद थे। गवाहों के अनुसार, डांस फ्लोर पर अचानक आग भड़क उठी और लोग घबराकर किचन की ओर भागे, जो डेड-एंड निकला और कई लोग फंस गए। अधिकांश मौतें सांस लेने में दिक्कत (सफोकेशन) से हुईं, क्योंकि बेसमेंट में वेंटिलेशन की कमी थी।
- समयरेखा: रात 11 बजे से 12 बजे के बीच विस्फोट, सुबह तक काबू पाया गया।
- पीड़ित: 14 स्टाफ, 3 महिलाएं, पर्यटक दिल्ली और हैदराबाद से।
- घायल: 6 लोग अस्पताल में।
आग फैलने के मुख्य कारण
क्लब में पाम लीव्स से बने अस्थायी सजावट ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। संकरी गलियों और बैकवाटर्स के कारण फायर टेंडर 400 मीटर दूर रुके, जिससे बचाव में देरी हुई। एक सीनियर फायर अधिकारी ने इसे चुनौतीपूर्ण बताया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच
मुख्यमंत्री प्रमोद सावant ने इसे गंभीर बताया और पूर्ण जांच के आदेश दिए। कालंगुटे विधायक माइकल लोबो ने सोमवार से सभी नाइटक्लबों का फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू करने की घोषणा की, बिना अनुमति वाले लाइसेंस रद्द होंगे। पुलिस गैस सिलेंडर ब्लास्ट की पुष्टि कर रही है।
सुरक्षा सबक: नाइटक्लबों के लिए जरूरी उपाय
यह हादसा गोवा के नाइटलाइफ को झकझोर गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटन स्थलों पर फायर सेफ्टी को प्राथमिकता देनी होगी:
- वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास सुनिश्चित करें।
- ज्वलनशील सजावट से बचें, नियमित ऑडिट कराएं।
- स्टाफ को ट्रेनिंग दें, गैस सिलेंडर सुरक्षित रखें।
भविष्य में रोकथाम के उपाय
गोवा सरकार अब सख्त नियम ला सकती है। पर्यटकों को सलाह: प्रमाणित जगहें चुनें, भीड़भाड़ वाले क्लबों से सावधान रहें। यह घटना पूरे देश के लिए चेतावनी है कि मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य हो।